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This Mistake Happened in RO | फिर फिल्टर वॉटर की जगह गंदा पानी पीती रही महिला, लिवर डैमेज

  • March 26, 2025
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आजकल हर घर में पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए आरओ (RO) यानी रिवर्स ऑस्मोसिस सिस्टम लगाया जाता है। लेकिन क्या होगा अगर यह प्रणाली सही

This Mistake Happened in RO | फिर फिल्टर वॉटर की जगह गंदा पानी पीती रही महिला, लिवर डैमेज

आजकल हर घर में पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए आरओ (RO) यानी रिवर्स ऑस्मोसिस सिस्टम लगाया जाता है। लेकिन क्या होगा अगर यह प्रणाली सही से काम न करे? चीन में एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ, जब उसने अनजाने में पांच साल तक गंदा पानी पी लिया। इसका खामियाजा उसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ा, जिसमें उसका लिवर डैमेज (Liver Damage) भी शामिल है।

कैसे हुआ यह हादसा?

चीन की इस महिला ने अपने घर में एक आरओ वॉटर प्यूरीफायर (RO Water Purifier) लगाया था, ताकि उसे शुद्ध और साफ पानी मिल सके। लेकिन दुर्भाग्यवश, मशीन में एक महत्वपूर्ण गलती थी, जिसे वह समझ नहीं पाई। आरओ का फिल्टर ठीक से काम नहीं कर रहा था और उसके द्वारा शुद्ध किए जाने वाले पानी में अशुद्धियां और हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद थे। चूंकि महिला को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, उसने इसे सुरक्षित मानकर लगातार पांच साल तक वही पानी पिया।

This Mistake Happened in RO

लक्षण और स्वास्थ्य समस्याएं

शुरुआत में महिला को हल्के पेट दर्द और थकान जैसी सामान्य समस्याएं महसूस हुईं। उसने इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन समय के साथ उसके लक्षण बढ़ते गए। उसे लगातार कमजोरी महसूस होने लगी, पाचन तंत्र बिगड़ने लगा, और त्वचा पीली पड़ने लगी। जब उसने डॉक्टर से संपर्क किया, तो पता चला कि उसका लिवर गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि दूषित पानी में मौजूद विषैले तत्वों और बैक्टीरिया ने उसके लिवर को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया था।

RO का रखरखाव क्यों है जरूरी?

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाने के बाद उसे नियमित रूप से मेंटेन करना कितना जरूरी है। कई लोग सोचते हैं कि एक बार आरओ लग जाने के बाद पानी पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि यदि आरओ का फिल्टर समय-समय पर बदला नहीं जाए, तो वह प्रभावी रूप से काम करना बंद कर सकता है।

RO का सही उपयोग और देखभाल

यदि आप भी अपने घर में आरओ का उपयोग कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  1. फिल्टर को नियमित रूप से बदलें – आरओ के प्री-फिल्टर और पोस्ट-फिल्टर को हर 6-12 महीने में बदलना जरूरी होता है।
  2. पानी की गुणवत्ता की जांच करें – पीने के पानी की समय-समय पर जांच करवाएं कि वह सुरक्षित और पीने योग्य है या नहीं।
  3. प्यूरिफायर की सर्विसिंग कराएं – आरओ सिस्टम की हर 6 महीने में सर्विसिंग कराएं ताकि उसकी कार्यक्षमता बनी रहे।
  4. अचानक बदलाव पर ध्यान दें – यदि पानी के स्वाद, गंध या रंग में कोई भी असामान्य बदलाव दिखे, तो तुरंत जांच करवाएं।
  5. TDS स्तर की निगरानी करें – RO से निकलने वाले पानी में TDS (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) का स्तर उचित मात्रा में होना चाहिए। अधिक शुद्धिकरण भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

निष्कर्ष

यह घटना हमें यह सिखाती है कि केवल आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके रखरखाव पर भी ध्यान देना बेहद आवश्यक है। यदि समय पर सही कदम न उठाए जाएं, तो यह हमारे स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आरओ की नियमित जांच और देखभाल करना न भूलें।

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