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अनिरुद्धाचार्य की आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़कीं दिशा पाटनी की बहन, बोलीं- ‘अगर सामने होता तो सबक सिखा देती

  • July 30, 2025
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हाल ही में एक विवाद ने सोशल मीडिया पर ज़ोर पकड़ लिया है, जिसकी चपेट में आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज आ गए हैं। दरअसल, अनिरुद्धाचार्य महाराज

अनिरुद्धाचार्य की आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़कीं दिशा पाटनी की बहन, बोलीं- ‘अगर सामने होता तो सबक सिखा देती

हाल ही में एक विवाद ने सोशल मीडिया पर ज़ोर पकड़ लिया है, जिसकी चपेट में आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज आ गए हैं। दरअसल, अनिरुद्धाचार्य महाराज का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस बयान पर देशभर में गुस्से की लहर दौड़ गई है, खासकर महिलाओं ने इसे अपमानजनक और भेदभावपूर्ण बताया है।

इस विवाद पर अब बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। खुशबू ने न सिर्फ अनिरुद्धाचार्य की निंदा की, बल्कि समाज के उस वर्ग पर भी सवाल खड़े किए जो इस तरह की सोच का समर्थन करता है।

अनिरुद्धाचार्य ने क्या कहा?

अनिरुद्धाचार्य महाराज का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें वे लिव-इन रिलेशनशिप के मुद्दे पर बोलते हुए कहते हैं –
“लड़के 25 साल की लड़कियों को लाते हैं, जो चार–पांच जगह मुंह मार के आती हैं।”
उनका यह बयान न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला भी है। एक कथावाचक या आध्यात्मिक गुरु से समाज को मार्गदर्शन देने की अपेक्षा होती है, न कि महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र और संकीर्ण मानसिकता वाली भाषा का इस्तेमाल करने की।

इस बयान के वायरल होते ही लोगों ने सोशल मीडिया पर अनिरुद्धाचार्य की आलोचना करनी शुरू कर दी। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन्हें महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच रखने वाला बताया। वहीं कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि एक सार्वजनिक मंच पर बैठकर, जहां भक्त उन्हें श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं, वहाँ इस तरह की भाषा का प्रयोग कितना अनुचित है।

खुशबू पाटनी ने क्यों जताया गुस्सा?

बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी, जो कि एक पूर्व आर्मी ऑफिसर रही हैं, ने इस बयान को सुनते ही गुस्से में अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने लिखा –
“अगर ये मेरे सामने होता, तो मैं इसको समझा देती कि मुंह मारना किसे कहते हैं। ये राष्ट्रविरोधी हैं। आपको ऐसे अव्वल दर्जे के बदमाशों का समर्थन नहीं करना चाहिए। इस समाज के सभी बेवकूफ नामर्द इसे फॉलो कर रहे हैं।”

खुशबू ने अपनी पोस्ट में अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी को न केवल महिला विरोधी बताया, बल्कि इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता की उपज बताया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और हजारों लोग उनके समर्थन में आगे आए।

लिव-इन में रहने वाले पुरुषों पर क्यों नहीं बोले अनिरुद्धाचार्य?

खुशबू ने एक और अहम सवाल उठाया – “जब लिव-इन रिलेशनशिप में दोनों पार्टनर शामिल होते हैं, तो टिप्पणी सिर्फ महिलाओं पर ही क्यों?”
उन्होंने अनिरुद्धाचार्य की इस एकतरफा सोच पर सवाल उठाया और कहा कि समाज में महिलाओं को ही हमेशा दोष क्यों दिया जाता है? उन्होंने पूछा कि क्या जो पुरुष लिव-इन में रहते हैं, उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होती?

खुशबू ने यह भी कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप आज की बदलती जीवनशैली का एक हिस्सा है, और इसे समझने की ज़रूरत है, न कि सिर्फ महिलाओं को लक्षित कर अपमानित करने की।

आध्यात्मिक गुरु से यह अपेक्षा नहीं थी

खुशबू पाटनी ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि एक कथावाचक से समाज यह उम्मीद करता है कि वह सबको जोड़ने वाला, समझदारी और संतुलन की बातें करेगा। लेकिन अनिरुद्धाचार्य ने जिस तरह की शब्दावली और मानसिकता का प्रदर्शन किया है, वह न सिर्फ स्त्री विरोधी है बल्कि सामाजिक रूप से भी विभाजन पैदा करने वाला है।

उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आध्यात्मिकता की आड़ में ऐसी गंदी और भेदभावपूर्ण सोच फैलाते हैं, उन्हें समाज में स्थान नहीं मिलना चाहिए।

खुशबू पाटनी कौन हैं?

बहुत से लोग खुशबू पाटनी को सिर्फ दिशा पाटनी की बहन के रूप में जानते हैं, लेकिन वे खुद एक बेहद प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली खुशबू एक पूर्व आर्मी ऑफिसर हैं। उन्होंने लगभग 11 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दी और 2024 में “मेजर” के पद से रिटायर हुईं।

सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपनी रुचि हेल्थ और वेलनेस के क्षेत्र में विकसित की। आज खुशबू एक फिटनेस ट्रेनर, न्यूट्रिशनिस्ट, मेडिटेशन इंस्ट्रक्टर और स्पिरिचुअल हीलर हैं। उनका सोशल मीडिया पर भी अच्छा-खासा फैनबेस है और वे समय-समय पर सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर बोलती रही हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

खुशबू की प्रतिक्रिया के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन किया। बहुत से यूज़र्स ने कहा कि ऐसे धार्मिक व्यक्तित्वों को समाज में आदर्श मानने का कोई औचित्य नहीं है, जब उनकी सोच इतनी संकीर्ण हो।

कुछ ने यह भी कहा कि आज के समय में जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तब भी उन्हें चरित्र के आधार पर परखा जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

निष्कर्ष

इस पूरे विवाद से यह बात साफ़ होती है कि अब समाज में महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर चुप्पी साधने का समय नहीं रह गया है। महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए खुलकर बोल रही हैं, और जब कोई उन्हें अपमानित करने की कोशिश करता है, तो वे उसी ताकत से जवाब भी देती हैं।

खुशबू पाटनी की प्रतिक्रिया न सिर्फ एक महिला की आवाज़ है, बल्कि हर उस व्यक्ति की आवाज़ है जो समानता, गरिमा और सम्मान की उम्मीद करता है — चाहे वो महिला हो या पुरुष।

इस तरह की मानसिकता पर सवाल उठाना और उन्हें सार्वजनिक रूप से चुनौती देना ही समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर क्या टिप्पणी की थी?

उन्होंने कहा था कि “लड़के 25 साल की लड़कियों को लाते हैं, जो 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं।” इस बयान को महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील माना गया है।

Q2. अनिरुद्धाचार्य के इस बयान पर खुशबू पाटनी ने क्या प्रतिक्रिया दी?

खुशबू पाटनी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर यह बात उनके सामने कही जाती, तो वे उन्हें “मुंह मारना क्या होता है” समझा देतीं। उन्होंने उन्हें “राष्ट्रविरोधी” और “अव्वल दर्जे का बदमाश” भी कहा।

Q3. खुशबू पाटनी कौन हैं?

खुशबू पाटनी बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बड़ी बहन हैं। वे एक पूर्व आर्मी ऑफिसर हैं, जिन्होंने 11 साल भारतीय सेना में सेवा दी और 2024 में मेजर पद से रिटायर हुईं। वर्तमान में वे फिटनेस और मेडिटेशन कोच हैं।

Q4. खुशबू पाटनी ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर क्या बात कही?

उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में दोनों पार्टनर की सहमति होती है, फिर भी आलोचना केवल महिलाओं पर क्यों की जाती है? उन्होंने इस सोच को दोहरा मापदंड और महिला विरोधी बताया।

Q5. क्या सोशल मीडिया पर लोगों ने खुशबू पाटनी का समर्थन किया?

हां, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने खुशबू पाटनी के बेबाक रुख की सराहना की और अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी को शर्मनाक बताते हुए उनकी आलोचना की।

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