बिहार चुनावी संग्राम: राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग, ‘वोट चोरी’ पर सियासत गरमाई
- August 19, 2025
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बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग
बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग
बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया है। उन्होंने गया की जनसभा में साफ ऐलान किया कि अगर केंद्र और बिहार में ‘इंडिया गठबंधन’ की सरकार बनी तो ‘वोट चोरी’ के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी से कहा था कि वह 7 दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करें या फिर देश से माफी मांगे।
गया की रैली में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा –
“चोरी आपकी पकड़ी गई है और मुझसे कहते हैं हलफनामा दो। पूरा देश आपसे हलफनामा मांगेगा। हम हर राज्य, हर लोकसभा और हर विधानसभा क्षेत्र में आपकी चोरी पकड़ेंगे और पूरे देश को दिखाएंगे।”
राहुल का यह बयान न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश में बहस का मुद्दा बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र और भारत माता पर हमला किया जा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने डेढ़ घंटे लंबे प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी को दो टूक संदेश दिया था। उन्होंने कहा –
“या तो वह अपने आरोपों पर हलफनामा दें या देश से माफी मांगें। कोई तीसरा विकल्प नहीं है।”
हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अगर राहुल हलफनामा दाखिल नहीं करते हैं तो चुनाव आयोग उनके खिलाफ क्या कदम उठाएगा।
राहुल गांधी ने बिहार से 16 दिनों की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की है। इस यात्रा का उद्देश्य है लोगों को वोट चोरी के खिलाफ जागरूक करना। यात्रा 20 जिलों से गुजरेगी और लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
इस यात्रा में सिर्फ राहुल ही नहीं बल्कि विपक्षी गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी भी हैं।
पिछले महीने 31 जुलाई को राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रजेंटेशन के जरिए आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा वोट चोरी हुए थे। इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य राज्यों में भी चुनावी गड़बड़ी का आरोप लगाया।
लेकिन चुनाव आयोग और संबंधित राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों ने राहुल गांधी से इन आरोपों पर शपथपत्र दाखिल करने को कहा, जिसे उन्होंने मानने से इनकार कर दिया।
चुनाव आयोग की ओर से दिए गए हलफनामे के नोटिस पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा –
“हम किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का असर यह है कि आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं।”
राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच चल रही यह तनातनी सीधे तौर पर बिहार चुनाव के राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने में जुट गए हैं। वहीं बीजेपी और एनडीए गठबंधन इसे सिर्फ “राजनीतिक नाटक” करार दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में ‘वोट चोरी’ बनाम ‘आरोप निराधार’ का यह विवाद बिहार की चुनावी जंग को और भी दिलचस्प बना देगा।
राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच जारी यह टकराव केवल एक कानूनी या प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि यह आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जहां राहुल गांधी वोट चोरी को लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग इसे आधारहीन आरोप मान रहा है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद बिहार की जनता को किस हद तक प्रभावित करता है और किसके पक्ष में माहौल बनाता है।