ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक: सीक्रेट सर्विस एजेंट ने पत्नी को एयर काफिले में चुपके से घुसाया
August 1, 2025
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें खुद एक सीक्रेट
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपकी सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें खुद एक सीक्रेट सर्विस एजेंट की भूमिका पर उंगलियां उठ रही हैं। खबरों के अनुसार, एक सीक्रेट सर्विस एजेंट ने अपनी पत्नी को ट्रंप के एयर काफिले में शामिल एक विमान में चोरी-छिपे घुसाने की कोशिश की, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।
यह घटना उस वक्त हुई जब डोनाल्ड ट्रंप स्कॉटलैंड की यात्रा पर थे और उनके ट्रांसपोर्ट प्लेन की सख्त सुरक्षा जांच चल रही थी। इसी दौरान सुरक्षा अधिकारियों को एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में विमान में प्रवेश करती दिखाई दी। जब जांच की गई, तो पता चला कि वह महिला किसी आम यात्री की तरह नहीं बल्कि एक सीक्रेट सर्विस एजेंट की पत्नी थी, जिसे एजेंट गुपचुप तरीके से विमान में घुसा रहा था।
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को राष्ट्रपति की सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा जाता है। ऐसे में किसी एजेंट द्वारा इस तरह के नियमों की अनदेखी न सिर्फ प्रोफेशनल एथिक्स के खिलाफ है, बल्कि राष्ट्रपति की जान को भी खतरे में डाल सकता है।
ऐसे संवेदनशील मिशनों में यात्रियों की सूची पहले से तय होती है और हर व्यक्ति का बैकग्राउंड चेक अनिवार्य होता है। इस महिला का नाम किसी सूची में नहीं था, न ही उसका कोई पास या अनुमति पत्र था। फिर भी वह विमान के पास तक कैसे पहुंची — यही सवाल इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक गंभीर बना देता है।
क्या था एजेंट का इरादा?
अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि एजेंट की मंशा अपनी पत्नी को यात्रा का ‘एक्सपीरियंस’ देने की थी। वह नहीं चाहता था कि कोई इसे गंभीरता से ले। लेकिन यह भूल गया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल जुड़ा होता है।
सीक्रेट सर्विस की प्रतिक्रिया
सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित एजेंट को ड्यूटी से हटा दिया है और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था या एजेंट पहले भी ऐसे नियमों की अनदेखी कर चुका है।
राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप समर्थकों ने इसे साजिश करार दिया है, जबकि विरोधियों का कहना है कि ट्रंप की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एजेंसियों में ढीलापन बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गर्म है और लोग सीक्रेट सर्विस की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस एजेंट के खिलाफ क्या सजा तय की जाती है। चूंकि मामला राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही, सीक्रेट सर्विस की आंतरिक प्रक्रियाओं की भी नए सिरे से समीक्षा की जा सकती है।